Tuesday, June 2, 2020

Good News for CORONA

कोरोना वैक्‍सीन पर गुड न्‍यूज, एक ट्रायल के फेज 2 में, दूसरी साबित हो रही 99% असरदार
Navbharat Times
02 Jun. 2020 13:16
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Covid-19 vaccine update: अमेरिकी कंपनी Moderna का वैक्‍सीन ट्रायल दूसरे दौर में पहुंच गया है। रूस में कोरोना वायरस (Coronavirus) मरीजों के इलाज की खातिर बनी दवा Avifavir अगले हफ्ते से देनी शुरू कर दी जाएगी।

सांकेतिक तस्‍वीर।
नई दिल्‍ली
कोरोना वायरस वैक्‍सीन (Coronavirus vaccine) की तलाश के बीच एक अच्‍छी खबर आई है। अमेरिका में एक कंपनी का ट्रायल फेज टू में पहुंच गया है। चीन में एक वैक्‍सीन फेज टू पूरा कर चुकी है और अगले साल की शुरुआत तक मार्केट में उतारी जा सकती है। चीन में अबतक इंसानों पर पांच वैक्‍सीन का टेस्‍ट किया गया है, जो सबसे ज्‍यादा है। वहां की एक और कंपनी Sinovac Biotech का दावा है कि उसकी वैक्‍सीन 99 पर्सेंट असरदार है। रूस अपनी वैक्‍सीन का क्लिनिकल ट्रायल दो हफ्ते के भीतर शुरू कर देगा। वहां अगले हफ्ते से कोविड-19 के मरीजों के इलाज में Avifavir नाम के ड्रग का इस्‍तेमाल होगा।
वैक्‍सीन बनाने की से रेस में ये हैं आगे
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बनाने की रेस चल रही है। करीब 120 वैक्‍सीन पर काम चल रहा है। कम से कम 10 वैक्‍सीन ऐसी हैं जो ह्यूमन ट्रायल के दौर में हैं। दुनिया में कोरोना वायरस केसेज की संख्‍या 64 लाख का आंकड़ा छूने वाली है। यह वायरस अबतक 3.77 लाख से भी ज्‍यादा लोगों को मार चुका है। इसीलिए जल्‍द वैक्‍सीन मिलना बेहद जरूरी है। अबतक जो वैक्‍सीन प्रॉमिसिंग साबित हुई हैं, उनमें चीन की CanSino adenovirus vaccine, Oxford University की adenovirus vaccine, Moderna की mRNA vaccine और Novavax शामिल हैं। इनके अलावा भी कई वैक्‍सीन के शुरुआती रिजल्‍ट्स बेहद प्रभावशाली रहे हैं।
अमेरिकी कंपनी की वैक्‍सीन जगा रही उम्‍मीद
Moderna की वैक्‍सीन ने आशा की किरण जगाई है। फेज-2 में डिफरेंज ऐजग्रुप के 500 स्‍वस्‍थ लोगों को पहली डोज दे दी गई है। कंपनी ने SARS-CoV-2 वायरस के जेनेटिक मैटीरियल पार्ट का इस्‍तेमाल करके यह mRNA वैक्‍सीन तैयार की है। वैक्‍सीन इंसान के शरीर में वायरस के प्रति इम्‍यून रेस्‍पांस को ट्रिगर करेगी। फेज 1 के ट्रायल में प्रोटेक्टिव एंडीबॉडीज बनने की पुष्टि हुई थी।
भारत में कोरोना की फूल रहीं सांसें, यह गुड न्यूज
वैक्‍सीन डेवलपमेंट में चीन सबसे आगे
चीन में पांच वैक्‍सीन का ट्रायल इंसानों पर हो रहा है। वह इस मामले में दुनिया के बाकी देशों से आगे है। बीजिंग इंस्टीट्यूट आफ बायोलॉजिकल प्रोडक्‍ट्स एंड चीन नैशनल बायोटेक ग्रुप कंपनी की जाइंट वैक्‍सीन ने फेज 2 टेस्टिंग पूरी कर ली है। यह वैक्‍सीन नोवेल कोरोना वायरस के एक मृत वर्जन का इस्‍तेमाल करती है। रॉयटर्स के मुताबिक, वैक्‍सीन साल के आखिर तक या अगले साल की शुरुआत में मार्केट में आ सकती है। प्रोडक्‍शन लाइन के पास हर साल 10-12 करोड़ वैक्‍सीन बनाने की क्षमता है।
रूस ने बनाई दवा, वैक्‍सीन का ट्रायल जल्‍द
रूसी साइंटिस्‍ट्स ने दो हफ्तों के भीतर वैक्‍सीन का ट्रायल शुरू करने की उम्‍मीद जताई है। वह अमेरिका और ब्राजील के बाद कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित है। करीब 50 तरह की वैक्‍सीन के प्रोजेक्‍ट्स पर अधिकारी मशक्‍कत कर रहे हैं। वैक्‍सीन ट्रायल में हिस्‍सा लेने वाले वालंटियर्स चुने जा चुके हैं। दूसरी तरफ, रूस ने कोविड-19 की एक दवा को भी मंजूरी दी है। Avifavir नाम का यह ड्रग favipiravir के नाम से भी जाना जाता है। एक रूसी कंपनी ने इस ड्रग में थोड़ा सा बदलाव किया है। अगले हफ्ते से मरीजों को यह दवा दी जाने लगेगी।

Saturday, May 30, 2020

Save life fromCORONA

Corona Aaj ke din me bahut dangerous role play kr rha h..jisase hmare sath Aane wali Generation ko bhi bahut dangerous h..
Iske liye jald hi market me Antidote Ayega..


Sunday, May 24, 2020

Corona ka samapt hona.

Novel Coronavirus (COVID-19) Situation dashboard
  का 21 जून का सूर्य ग्रहण कोरोना महामारी को परास्त करेगा: ज्योतिष शास्त्र
24 May. 202
0 12:21

ज्योतिष शास्त्र की गणनाएं बता रही हैं कि 21 जून को पड़ने जा रहे सूर्य ग्रहण से ग्रह-नक्षत्रों में हो रहे परिवर्तन के कारण महामारी से राहत मिल सकती है।


यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में पड़ने जा रहा है। वहीं विस्तृत गणनाएं संकेत दे रही हैं कि मध्य अगस्त के बाद महामारी अपने पतन को प्राप्त होगी।

वरिष्ठ ज्योतिष शास्त्री आचार्य डॉ. पवन त्रिपाठी का कहना है कि 30 मार्च को बृहस्पति का संचार धनु राशि से मकर राशि में हुआ था, जो 30 जून तक रहेगा।

30 जून को बृहस्पति वक्त्री होकर पुन: धनु राशि में आ जाएंगे। इसी बीच 21 जून को मृगशिरा नक्षत्र में सूर्य ग्रहण पड़ेगा।

इसी दिन मंगल भी शनि की राशि छोड़कर बृहस्पति की राशि में जाएंगे, जो इस महामारी का प्रभाव कम करने में सहायक होंगे।

बता दें कि इससे पहले 26 दिसंबर, 2019 को पड़े सूर्य ग्रहण का परिणाम अशुभ साबित हुआ है। इसके बाद ही भारत में इस महामारी का प्रभाव बढ़ना शुरू हुआ था।

त्रिपाठी कहते हैं कि 11 मई के बाद से शनि भी वक्त्री हो गए हैं। वक्त्री शनि का प्रभाव शुभ नहीं होता। इसलिए अभी कुछ दिन भारत के लिए कष्टकारी साबित हो सकते हैं।

महामारी से राहत के बारे में बात करते हुए पवन त्रिपाठी बताते हैं कि भारत वर्ष की कुंडली के अनुसार भी 14 अप्रैल तक समय ज्यादा खराब था।

भारतीय नववर्ष का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 25 मार्च, 2020 अर्थात बुधवार को हुआ है। यानी इस वर्ष के राजा बुध हैं और उनके साथ मंत्री के रूप में चंद्र हैं। इन दोनों के प्रभाव से इस रोग का शमन जून 2020 तक हो जाने की संभावना है।

काशी के प्रख्यात ज्योतिष शास्त्री प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय ने बताया कि शनि 18 जून को वक्री हो रहे हैं और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दूसरे चरण में रहेंगे।

इस समय सूर्य मिथुन राशि में तो शनि मकर राशि में होंगे। यही नहीं 27 मई को बृहस्पति भी वक्त्री हो रहे हैं, शनि जब वक्री होंगे तो कोरोना का प्रभाव कम होगा। यह प्रभाव 20 जून से 30 जून के बीच दिखाई देने लगेगा।

प्रख्यात ज्योतिषाचार्य केएन राव और उनके शिष्यों ने कोविड-19 का कोट (किला) चक्र बनाकर इसकी विस्तृत गणना की है। जर्नल ऑफ एस्ट्रोलॉजी में प्रकाशित इस ज्योतिषीय अध्ययन में कहा गया है कि 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर आ जाएगा, यहां से कीटाणुओं और वायरस के खात्मे में तेजी आ जाएगी।


और जब 19 अगस्त को राहु मृगशिरा नक्षत्र में और केतु ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएगा, तब कोविड-19 का पतन स्पष्ट अनुभव किया जाएगा।

इस गणना में संभावना जताई गई है कि जून के प्रारंभ में भारत में परिस्थितियां सामान्य होने की ओर बढ़ जाएंगी। फरवरी से मई के बीच जो कठिनाई सामने आई, उसकी तुलना में समय सामान्य प्रतीत होगा।
Corona ka Antidote banega..But usase pahle Apan ki Life ko SAFE rakhna jaruri h

      -Ramesh BaisRk
      MathematicianCoronavirus

VIRUS in future

virus is a tiny infectious agent that reproduces inside the cells of living hosts. When infected, the host cell is forced to rapidly produce thousands of identical copies of the original virus. Unlike most living things, viruses do not have cells that divide; new viruses assemble in the infected host cell.
दुनिया में पानी का अभाव होने पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. चैरिटी संगठन वाटर ऐड ने यह दावा किया है. उसके मुताबिक ब्राजील की स्वदेशी आबादी से लेकर उत्तरी यमन में युद्ध ग्रस्त गांव तक लेकर करीब तीन अरब लोगों के पास घर में साफ पानी और साबुन से हाथ धोने का कोई विकल्प नहीं है.


दुनिया भर की झुग्गी-झोपड़ियों, शिविरों और अन्य भीड़-भाड़ वाली बसावटों में कई लोग रोजाना पानी के टैंकर से पानी लेने के लिए एकत्र होते हैं जहां सामाजिक दूरी संबंधी नियम का पालन संभव नहीं है. घनी आबादी वाले स्थानों पर लोगों को पानी की जरूरत बर्तन धोने और शौचालय साफ करने जैसे “महत्त्वपूर्ण कार्यों” के लिए चाहिए होती है और उनके पास बार-बार हाथ धोने के लिए पानी के इस्तेमाल का विकल्प नहीं होता.

Corona Virus effects on water

दुनिया में पानी का अभाव होने पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. चैरिटी संगठन वाटर ऐड ने यह दावा किया है. उसके मुताबिक ब्राजील की स्वदेशी आबादी से लेकर उत्तरी यमन में युद्ध ग्रस्त गांव तक लेकर करीब तीन अरब लोगों के पास घर में साफ पानी और साबुन से हाथ धोने का कोई विकल्प नहीं है.


दुनिया भर की झुग्गी-झोपड़ियों, शिविरों और अन्य भीड़-भाड़ वाली बसावटों में कई लोग रोजाना पानी के टैंकर से पानी लेने के लिए एकत्र होते हैं जहां सामाजिक दूरी संबंधी नियम का पालन संभव नहीं है. घनी आबादी वाले स्थानों पर लोगों को पानी की जरूरत बर्तन धोने और शौचालय साफ करने जैसे “महत्त्वपूर्ण कार्यों” के लिए चाहिए होती है और उनके पास बार-बार हाथ धोने के लिए पानी के इस्तेमाल का विकल्प नहीं होता.

WHO Health Topic for corona virus(covid-19)

Most people infected with the COVID-19 virus will experience mild to moderate respiratory illness and recover without requiring special treatment.  Older people, and those with underlying medical problems like cardiovascular disease, diabetes, chronic respiratory disease, and cancer are more likely to develop serious illness.

The best way to prevent and slow down transmission is be well informed about the COVID-19 virus, the disease it causes and how it spreads. Protect yourself and others from infection by washing your hands or using an alcohol based rub frequently and not touching your face. 

The COVID-19 virus spreads primarily through droplets of saliva or discharge from the nose when an infected person coughs or sneezes, so it’s important that you also practice respiratory etiquette (for example, by coughing into a flexed elbow).

At this time, there are no specific vaccines or treatments for COVID-19. However, there are many ongoing clinical trials evaluating potential treatments. WHO will continue to provide updated information as soon as clinical findings become available.

Stay informed:



Saturday, May 23, 2020

In Human virus

In humansEdit

Common human diseases caused by viruses include the common coldinfluenzachickenpox and cold sores. Serious diseases such as Ebola and AIDS are also caused by viruses.[48] Many viruses cause little or no disease and are said to be "benign". The more harmful viruses are described as virulent.[49] Viruses cause different diseases depending on the types of cell that they infect. Some viruses can cause lifelong or chronic infections where the viruses continue to reproduce in the body despite the host's defence mechanisms.[50] This is common in hepatitis B virus and hepatitis C virus infections. People chronically infected with a virus are known as carriers. They serve as important reservoirs of the virus.[51][52]


What is VIRUS

वायरस बहुत छोटे रोगाणु या विषाणु होते हैं, जो प्रोटीन की खोल के अंदर अनुवांशिक सामग्री से बने होते हैं। एक वायरस की अनुवांशिक सामग्री आरएनए या डीएनए हो सकती है, जो आम तौर पर प्रोटीन, लिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन की खोल से घिरी रहती है या तीनों का थोड़ा-थोड़ा संयोजन होता है।

कोई वायरस किसी भी जानवर, पौधे या बैक्टीरिया को संक्रमित कर सकता है और अक्सर बहुत गंभीर या यहां तक ​​कि घातक बीमारियों का कारण बनता है।

कोई वायरस मेजबान सेल की सहायता के बिना वृद्धि नहीं कर सकता है और हालांकि वे फैल सकते हैं लेकिन वायरस में स्वयं प्रजनन की क्षमता की कमी होती है और इसलिए इसे सामान्य जीवित जीवों जैसा नहीं माना जाता है।

वायरस किसी ठग की तरह होते हैं। वे जीवित, सामान्य कोशिकाओं पर आक्रमण करते हैं और उन कोशिकाओं का उपयोग अपने जैसे अन्य वायरस की संख्या बढ़ाने के लिए करते हैं।

वायरस कोशिकाओं को मार सकते हैं, क्षति पहुंचा सकते हैं या बदल सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं। विभिन्न वायरस आपके शरीर में कुछ कोशिकाएं जैसे आपके लिवर, श्वसन तंत्र या खून पर हमला करते हैं।

कुछ सबसे आम या सबसे प्रसिद्ध वायरस में ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) जो एड्स का कारण बनता है, हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस, जो ठंडे घावोंचेचकमल्टीपल स्क्लेरोसिस का कारण बनता है और ह्यूमन पेपिलोमा वायरस जो अब वयस्क महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का एक प्रमुख कारण माना जाता है, इत्यादि शामिल है।

आम सर्दी जुकाम भी एक वायरस के कारण होता है। चूंकि अभी भी नए-नए विषाणुओं की उत्पत्ति का मुद्दा रहस्य से घिरा हुआ है, इन वायरस या विषाणु के कारण होने वाली बीमारियां और उन्हें ठीक करने के तरीके अभी भी विकास के शुरुआती चरणों में हैं।

(और पढ़े - सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)

वायरस बेहद छोटे, व्यास में लगभग 20 - 400 नैनोमीटर तक होते हैं। मिमिवायरस के रूप में जाना जाने वाला सबसे बड़ा वायरस 500 नैनोमीटर के व्यास तक होता है।